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à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ विकार है जिसमें गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की लाइनिंग बनाने वाले ऊतक से मिलता हà¥à¤† ऊतक गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की गà¥à¤¹à¤¾ के बाहर विकसित होने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की लाइनिंग को à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤® कहते हैं। जब ओवरी, बाउल और पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ की लाइनिंग के ऊतकों पर à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤² टिशà¥â€à¤¯à¥‚ विकसित होने लगते हैं, तब à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होती है।
लगà¤à¤— 40 फीसदी महिलाओं को à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की वजह से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में दिकà¥â€à¤•त आती है। शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का मानना है कि सूजन से सà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤® या à¤à¤— को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता या सà¥â€à¤•ार टिशà¥â€à¤¯à¥‚ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को बà¥â€à¤²à¥‰à¤• कर सकता है। सरà¥à¤œà¤°à¥€ से इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिलाओं की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को बढ़ाया जा सकता है।
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ या फाइबà¥à¤°à¥‰à¤à¤¡ की दिकà¥à¤•त
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£
हर महिला में à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के लकà¥à¤·à¤£ अलग होते हैं। कà¥à¤› महिलाओं में हलà¥â€à¤•े तो कà¥à¤› में गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ देखने को मिल सकते हैं। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ में पेलà¥à¤µà¤¿à¤• हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना सबसे सामानà¥â€à¤¯ बात है। इसमें आपको निमà¥â€à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ दिख सकते हैं
मासिक धरà¥à¤® के दौरान दरà¥à¤¦ होना, मासिक धरà¥à¤® से पहले और दौरान पेट के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना, माहवारी के à¤à¤• या दो हफà¥à¤¤à¥‡ के आसपास à¤à¤‚ठन महसूस होना, माहवारी के बीच में बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग या पीरियडà¥à¤¸ में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥â€à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना, इनफरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€, सेकà¥â€à¤¸ के दौरान दरà¥à¤¦ होना, मल तà¥â€à¤¯à¤¾à¤— करने में असहज महसूस होना, मासिक धरà¥à¤® के दौरान कà¤à¥€ à¤à¥€ कमर के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦ होना।
शिशॠकाे जनà¥â€à¤®à¤¦à¥‹à¤· से बचाने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में इस समय से लेना शà¥à¤°à¥‚ करें फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फोलेट नामक विटामिन बी का à¤à¤• मानव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ रूप है जो कि लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। ये शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ ममें नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब के विकास में मदद करता है।
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नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥â€à¤Ÿ : फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥à¤°à¥‚ण में नसों के विकास में मदद करता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब बाद में शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में विकसित होती है। केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ गठन के दौरान किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के जनà¥à¤®à¤¦à¥‹à¤· को रोकने के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जरूरी होता है।लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ : यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आयरन डेफिशिà¤à¤‚सी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो तो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। य लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनाता है।जटिलताओं से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ : फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शिशॠमें कà¥â€à¤²à¥‡à¤«à¥à¤Ÿ लिप और पैलेट के खतरे को कम करता है। ये पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बरà¥à¤¥, मिसकैरेज, à¤à¥à¤°à¥‚ण में शिशॠके खराब विकास और जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन कम होने जैसी जटिलताओं से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है।मां को मिलता है लाठ: यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला रोज फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ ले तो इससे उनमें पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पसिया, हारà¥à¤Ÿ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, हारà¥à¤Ÿ डिजीज, कैंसर और अलà¥â€à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग से बचाव होता है।अनà¥â€à¤¯ आवशà¥â€à¤¯à¤• कारà¥à¤¯ : डीà¤à¤¨à¤ के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, रिपेयर और कारà¥à¤¯à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जरूरी होता है। ये शिशॠऔर पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के जलà¥â€à¤¦ विकास में à¤à¥€ जरूरी होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के तीसरे से चौथे हफà¥à¤¤à¥‡ में जनà¥â€à¤® दोष उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होते हैं इसलिठइस दौरान शरीर में फोलेट होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ का विकास होता है।
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ से पहले ही पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन के साथ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने की सलाह देंगे।
à¤à¤• अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ में सामने आया है कि जो महिलाà¤à¤‚ कंसीव करने से लगà¤à¤— à¤à¤• साल पहने से ही फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं उनमें पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° लेबर का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की उमà¥à¤° की सà¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 400 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® फोलेट की जरूरत होती है। अगर आप रोज मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेती हैं तो इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप उसकी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ ले रही हैं या नहीं। यदि किसी वजह से आप मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ नहीं लेना चाहती हैं तो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट ले सकती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के हर चरण में कितना फोलेट लेना चाहिठ:
कंसीव करने की कोशिश के दौरान : 400 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले तीन महीने : 400 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®à¤—रà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के चार से नौ महीने : 600 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®à¤¸à¥â€à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाने के दौरान : 500 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤®
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से तीन महीने पहले फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के पूरे नौ महीने तक लें। इससे उन महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा होता है जिनमें जनà¥â€à¤® दोष विकारों का खतरा अधिक होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक शिशॠकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ का पूरा विकास हो चà¥à¤•ा होता है इसलिठ12वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद आप फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना बंद कर सकती हैं। हालांकि, 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ ले सकती हैं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शिशॠया मां को कोई नà¥à¤•सान नहीं होगा।
अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की सोच रही हैं या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर जलà¥â€à¤¦ ही फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर दें। ये आपके शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ और विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है।
मां बनने से रोक सकता है
अगर आपकी कंसीव करने की कोशिश बार-बार नाकाम हो रही है तो इसकी वजह à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ हो सकता है। इसमें महिलाओं की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤°à¥€ तरह से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के लिठमहिलाओं की ओवरी में à¤à¤• अंडा रिलीज होता है जो कि फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब के जरिठसà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤® की कोशिका से फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होता है और विकसित होने के लिठअपने आप ही यूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ दीवार से जà¥à¤¡à¤¼ जाता है।
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ टà¥à¤¯à¥‚ब में रà¥à¤•ावट पैदा कर सकती है और अंडे à¤à¤µà¤‚ सà¥â€à¤ªà¤°à¥à¤® को à¤à¤•साथ जोड़कर रख सकती है। हलà¥â€à¤•े से सामानà¥â€à¤¯ à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के मामलों में महिलाà¤à¤‚ फिर à¤à¥€ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर सकती हैं। à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ महिलाओं को डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° सलाह देते हैं कि इनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ जलà¥â€à¤¦ से जलà¥â€à¤¦ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ कर लेना चाहिठकà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि समय के साथ इसकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और खराब होती चली जाती है।
शिशॠकाे जनà¥â€à¤®à¤¦à¥‹à¤· से बचाने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में इस समय से लेना शà¥à¤°à¥‚ करें फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡
फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ फोलेट नामक विटामिन बी का à¤à¤• मानव निरà¥à¤®à¤¿à¤¤ रूप है जो कि लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओं के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। ये शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ ममें नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब के विकास में मदद करता है।
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नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब डिफेकà¥â€à¤Ÿ : फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥à¤°à¥‚ण में नसों के विकास में मदद करता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की नà¥â€à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब बाद में शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ में विकसित होती है। केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ गठन के दौरान किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के जनà¥à¤®à¤¦à¥‹à¤· को रोकने के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जरूरी होता है।लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाओ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ : यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में आयरन डेफिशिà¤à¤‚सी à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो तो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बहà¥à¤¤ जरूरी होता है। य लाल रकà¥â€à¤¤ कोशिकाà¤à¤‚ बनाता है।जटिलताओं से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ : फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शिशॠमें कà¥â€à¤²à¥‡à¤«à¥à¤Ÿ लिप और पैलेट के खतरे को कम करता है। ये पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° बरà¥à¤¥, मिसकैरेज, à¤à¥à¤°à¥‚ण में शिशॠके खराब विकास और जनà¥â€à¤® के समय शिशॠका वजन कम होने जैसी जटिलताओं से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है।मां को मिलता है लाठ: यदि पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिला रोज फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ ले तो इससे उनमें पà¥à¤°à¥€à¤•à¥â€à¤²à¥ˆà¤‚पसिया, हारà¥à¤Ÿ सà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•, हारà¥à¤Ÿ डिजीज, कैंसर और अलà¥â€à¤œà¤¾à¤‡à¤®à¤° रोग से बचाव होता है।अनà¥â€à¤¯ आवशà¥â€à¤¯à¤• कारà¥à¤¯ : डीà¤à¤¨à¤ के उतà¥â€à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨, रिपेयर और कारà¥à¤¯à¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के लिठफोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जरूरी होता है। ये शिशॠऔर पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा के जलà¥â€à¤¦ विकास में à¤à¥€ जरूरी होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के तीसरे से चौथे हफà¥à¤¤à¥‡ में जनà¥â€à¤® दोष उतà¥â€à¤ªà¤¨à¥â€à¤¨ होते हैं इसलिठइस दौरान शरीर में फोलेट होना बहà¥à¤¤ जरूरी है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरणों में शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥â€à¤• और सà¥â€à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉरà¥à¤¡ का विकास होता है।
अगर आप कंसीव करने की कोशिश कर रही हैं तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ से पहले ही पà¥à¤°à¥€à¤¨à¥ˆà¤Ÿà¤² विटामिन के साथ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने की सलाह देंगे।
à¤à¤• अधà¥â€à¤¯à¤¯à¤¨ में सामने आया है कि जो महिलाà¤à¤‚ कंसीव करने से लगà¤à¤— à¤à¤• साल पहने से ही फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देती हैं उनमें पà¥à¤°à¥€à¤®à¥ˆà¤šà¥â€à¤¯à¥‹à¤° लेबर का खतरा 50 फीसदी कम हो जाता है।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की उमà¥à¤° की सà¤à¥€ महिलाओं को पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 400 माइकà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® फोलेट की जरूरत होती है। अगर आप रोज मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ लेती हैं तो इस बात का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आप उसकी परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ ले रही हैं या नहीं। यदि किसी वजह से आप मलà¥â€à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨ नहीं लेना चाहती हैं तो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट ले सकती हैं।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी से तीन महीने पहले फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के पूरे नौ महीने तक लें। इससे उन महिलाओं को जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फायदा होता है जिनमें जनà¥â€à¤® दोष विकारों का खतरा अधिक होता है
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ तक शिशॠकी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ का पूरा विकास हो चà¥à¤•ा होता है इसलिठ12वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद आप फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना बंद कर सकती हैं। हालांकि, 12वें हफà¥à¤¤à¥‡ के बाद à¤à¥€ फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ ले सकती हैं कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे शिशॠया मां को कोई नà¥à¤•सान नहीं होगा।
अगर आप गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की सोच रही हैं या गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° की सलाह पर जलà¥â€à¤¦ ही फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेना शà¥à¤°à¥‚ कर दें। ये आपके शिशॠके सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ और विकास के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है।
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का इलाज
à¤à¤‚डोमेटà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का उपचार नहीं है। आमतौर पर दवाओं या सरà¥à¤œà¤°à¥€ से इलाज किया जाता है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° इबूपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ या नैपà¥à¤°à¥‹à¤•à¥â€à¤¸à¥‡à¤¨ जैसी दरà¥à¤¦ निवारक दवा लेने के लिठकह सकते हैं। अगर इन दवाओं से दरà¥à¤¦ कम नहीं होता है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से अनà¥â€à¤¯ विकलà¥â€à¤ªà¥‹à¤‚ के बारे में पूछें।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ गरà¥à¤® पानी से नहाने, पेट की गरà¥à¤® सिकाई या नियमित वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से à¤à¥€ आराम मिल जाता है।
हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² थेरेपी शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बनने वाले à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम और पीरियडà¥à¤¸ को रोक सकती है। इससे घाव से खून कम निकलता है और आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सूजन, सà¥â€à¤•ार और सिसà¥â€à¤Ÿ नहीं बनती।
कई बार पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ टिशà¥â€à¤¯à¥‚ को निकालने के लिठडॉकà¥â€à¤Ÿà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ की सलाह दे सकते हैं। कà¥à¤› मामलों में सरà¥à¤œà¤°à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम कर पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ को बढ़ा सकती है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° लैपà¥à¤°à¥‹â€à¤¸à¥â€à¤•ोपिक या ओपन सरà¥à¤œà¤°à¥€ कर सकते हैं। हालांकि, कà¤à¥€-कà¤à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद दरà¥à¤¦ वापस आ जाता है।
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